Chapter 2:

गिल्लू

इस अध्याय में हम ‘गिल्लू’ कहानी के माध्यम से मनुष्य और पशु-पक्षियों के बीच प्रेम, करुणा तथा संवेदनशीलता के महत्व को जानेंगे।

VIDEOS

गिल्लू: Part 1

इस वीडियो में लेखिका महादेवी वर्मा द्वारा रचित संस्मरण ‘गिल्लू’ की शुरुआत होती है, जहाँ कौवों के हमले से घायल गिलहरी के नन्हे बच्चे को बचाकर उसका प्राथमिक उपचार और नामकरण किया जाता है।

गिल्लू: Part 2

इस भाग में गिल्लू की बढ़ती हुई चंचलता, लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के उसके अनोखे तरीकों, उसकी पसंदीदा खाने की आदतों और उसकी स्वतंत्रता का सुंदर वर्णन है।

गिल्लू: Part 3

इस अंतिम वीडियो में गिल्लू के जीवन के आखिरी दिनों की यातना, उसकी मृत्यु और सोनजुही की लता के नीचे उसकी विदाई व समाधि का भावुक चित्रण किया गया है।

NOTES

गिल्लू

परिचय

“गिल्लू” प्रसिद्ध लेखिका महादेवी वर्मा द्वारा लिखी गई एक भावपूर्ण संस्मरणात्मक रचना है। इसमें लेखिका और एक छोटे से गिलहरी के बच्चे गिल्लू के बीच बने स्नेहपूर्ण संबंध का मार्मिक वर्णन किया गया है। यह पाठ हमें पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम, दया और संवेदनशीलता का संदेश देता है।


लेखिका का परिचय

महादेवी वर्मा

महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य की प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका थीं। उन्हें छायावाद युग की प्रमुख कवयित्री माना जाता है। उनकी रचनाओं में प्रकृति, करुणा, प्रेम और संवेदनशीलता का सुंदर चित्रण मिलता है।


पाठ का सार

मुख्य भाव

एक दिन लेखिका को कौओं द्वारा घायल किया गया गिलहरी का एक छोटा बच्चा मिलता है। वे उसे घर लाकर उसकी देखभाल करती हैं और उसका नाम ‘गिल्लू’ रखती हैं।

धीरे-धीरे गिल्लू स्वस्थ हो जाता है और लेखिका से गहरा लगाव बना लेता है। वह उनके कंधे पर बैठता, उनके साथ खेलता और उनकी थाली से भोजन करता था। जब लेखिका लिखती थीं, तब गिल्लू पास बैठकर उन्हें देखता रहता था।

कुछ समय बाद गिल्लू बीमार पड़ जाता है। लेखिका उसकी पूरी देखभाल करती हैं, लेकिन अंततः उसकी मृत्यु हो जाती है। लेखिका उसे अपने बगीचे में सोनजूही की बेल के नीचे दफना देती हैं। गिल्लू की यादें उनके मन में हमेशा जीवित रहती हैं।


मुख्य पात्र

गिल्लू और लेखिका

गिल्लू

  • एक छोटा, चंचल और समझदार गिलहरी का बच्चा।
  • प्रेम और स्नेह का प्रतीक।
  • लेखिका से अत्यंत जुड़ा हुआ था।

लेखिका

  • दयालु, संवेदनशील और पशु-प्रेमी।
  • घायल गिल्लू का उपचार करती हैं।
  • अंत तक उसकी देखभाल करती हैं।

मुख्य संदेश

शिक्षा

यह पाठ हमें सिखाता है कि—

  • पशु-पक्षियों के प्रति दया और प्रेम रखना चाहिए।
  • सभी जीवों का जीवन महत्वपूर्ण होता है।
  • संवेदनशीलता और करुणा मनुष्य का सबसे बड़ा गुण है।
  • प्रकृति और जीव-जंतुओं की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।

भाषा एवं शैली

विशेषताएँ

  • सरल, भावपूर्ण और सहज भाषा।
  • संस्मरणात्मक शैली।
  • प्रकृति और पशु-प्रेम का सुंदर चित्रण।
  • संवेदनशील एवं मार्मिक प्रस्तुति।

मुख्य बिंदु

  • “गिल्लू” महादेवी वर्मा की प्रसिद्ध संस्मरणात्मक रचना है।
  • गिल्लू एक घायल गिलहरी का बच्चा था।
  • लेखिका ने उसकी सेवा करके उसे नया जीवन दिया।
  • गिल्लू और लेखिका के बीच गहरा स्नेह विकसित हुआ।
  • यह पाठ पशु-प्रेम, दया और मानवता का संदेश देता है।

अध्याय सारांश

“गिल्लू” एक अत्यंत भावनात्मक संस्मरण है, जिसमें लेखिका और एक छोटे गिलहरी के बच्चे के बीच बने स्नेहपूर्ण संबंध का वर्णन किया गया है। यह पाठ हमें सभी जीवों के प्रति प्रेम, करुणा और संवेदनशीलता रखने की प्रेरणा देता है तथा प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण का संदेश भी देता है।

QUIZ

HINDI QUIZ

गिल्लू

इस क्विज़ के माध्यम से अपनी समझ को परखें।

जानिए कि आपने इस अध्याय को कितना अच्छी तरह समझा है।

1 / 5

गिल्लूके लेखक/लेखिका कौन हैं?

2 / 5

गिल्लू कौन था?

3 / 5

लेखिका ने गिल्लू की सहायता कैसे की?

4 / 5

गिल्लूपाठ का मुख्य संदेश क्या है?

5 / 5

गिल्लूकिस विधा की रचना है?

Your score is

The average score is 0%

0%